छत्तीसगढ़

रायगढ़ जिले को 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक जलाभाव क्षेत्र घोषित, नलकूप खनन पर प्रतिबंध

Shantanu Roy
25 March 2026 7:47 PM IST
रायगढ़ जिले को 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक जलाभाव क्षेत्र घोषित, नलकूप खनन पर प्रतिबंध
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Raigarh. रायगढ़। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संपूर्ण रायगढ़ जिले को 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक 3, 1987) की धारा 3 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया। आदेश के अनुसार, अधिनियम की धारा 6 के तहत जिले में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी नया नलकूप, चाहे वह पेयजल के लिए हो या किसी अन्य प्रयोजन हेतु, खनन नहीं कर सकता।

हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और अन्य शासकीय एजेंसियों को आवश्यकतानुसार पेयजल आपूर्ति के लिए नलकूप खनन की अनुमति दी गई है। नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अपने-अपने क्षेत्र में केवल पेयजल के लिए नलकूप खनन कर सकते हैं, और इसके बारे में संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को सूचना देना अनिवार्य होगा। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रीय अनुविभागीय अधिकारियों को नलकूप खनन की अनुमति देने का अधिकार दिया गया है। इसके तहत:
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़ को रायगढ़ और पुसौर क्षेत्र,
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया को खरसिया क्षेत्र,
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा को घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र,
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ को धरमजयगढ़ क्षेत्र,
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा को लैलूंगा क्षेत्र के लिए अधिकृत किया गया है।

प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में प्राप्त आवेदनों के अनुसार आवश्यकता का परीक्षण करेंगे और नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करेंगे। इसके साथ ही वे सुनिश्चित करेंगे कि छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का पूरी तरह पालन हो। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी अधिनियम का उल्लंघन करते हुए नलकूप खनन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और जिले में नलकूप खनन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

जलाभाव क्षेत्र घोषित करने का उद्देश्य ग्रीष्म ऋतु में जल संकट से बचाव और ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रशासन का कहना है कि इस अवधि में सभी हितधारकों को आवश्यक अनुमतियों और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस कदम से रायगढ़ जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही यह आदेश जल संसाधनों का उचित उपयोग करने और अनियंत्रित नलकूप खनन को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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